पेरिस से भी पहले दुनिया में इत्र की राजधानी का दर्जा हासिल कर चुके कन्नौज पर इत्र की खुशबू की जगह रेगिस्तान की रेत की तरह से धूल उड़ने का खतरा मंडरा रहा है। वजह है मक्के की खेती, जिसमें इतना पानी इस्तेमाल होता है, कि जिले के दो खंडों को डार्क जोन घोषित किया जा चुका है।