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Jitan Ram Manjhi On Chirag Paswan: चिराग और तेजस्वी को जीतनराम मांझी की नसीहत, जंगलराज पर भड़के!

Mon, 28 Jul 2025 12:40 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

बिहार में लगातार बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष की आलोचना और बयानबाजी पर अब केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चिराग पासवान और तेजस्वी यादव दोनों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अनुभव की कमी के कारण वे आज की स्थिति को समझे बिना ही गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। दरअसल बिहार की कानून व्यवस्था पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "ये लोग अपनी बातों से बिहार को भड़काना चाहते हैं। हमें 2005 से पहले का दौर भी याद रखना चाहिए। मैं 1980 से राजनीति में हूं। मैंने वह दौर देखा है जब हर तरह के अपराध होते थे और हमारे लोगों को बेरहमी से मारा जाता था। उस समय कोर्ट ने कह दिया था कि जंगलराज है, जो कोई सामान्य बात नहीं है। आज कोर्ट ऐसी टिप्पणी नहीं कर रहा है। सत्ता के भूखे लोग बस जनता को गुमराह करने के लिए ये सब कहते हैं... राज्य की आबादी 14 करोड़ है और कुछ घटनाएं हो जाती हैं मांझी ने लालू यादव के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि एक दौर था जब अपराधियों को सीधे मुख्यमंत्री आवास पर बुलाया जाता था, बातचीत होती थी और फिर ‘सुलह नाम’ के तहत उन्हें छोड़ दिया जाता था। उन्होंने कहा कि तब अधिकांश अपराधी सत्ताधारी पार्टी के संरक्षित होते थे। कोई कुछ करता था तो छोड़ दिया जाता था। लेकिन आज कोई अपराध करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है, एनकाउंटर तक हो रहे हैं।

मांझी ने कहा कि जहां तक लॉ इन ऑडर का यह मामला है तो अब प्रेमी प्रेमिका आपस में लड़ कर सुसाइड ( आत्महत्या ) कर लें या प्रेमी प्रेमिका को कोई बाधा आई तो माता पिता को मार दिया या कोई दूसरा प्रेमी को मार दिया तो क्या यह लॉ इन ऑडर का मामला है? मेरा कहने का मतलब है की आज लॉ इन ऑडर की स्थिति बहुत अच्छी है। यहां पर आज तक कोई साम्प्रदायिक लड़ाई नहीं हुई। हां, कुछ घटनाएं घटी हैं पटना के कारोबारी की जो हत्या हुई और जो पकड़ा गया उसको  इनकाउंटर कर दिया गया। उनके राज में कभी कोई एनकाउंटर हुआ था क्या? आज एनकाउंटर हो रहा है। आपने देखा पटना के पारस हॉस्पिटल में जो घटना घटी, बहुत हल्ला हुआ मगर सबको दो दिन में पकड़ लिया गया और कार्रवाई हो रही है। ऐसी घटना होती है तो सरकार काम करती है। एक बात और जिसका हम खुद चश्मदीद गवाह हैं जो उस समय के अपराधी होते थे और जो पीड़ित होता था, उनको एक अणे मार्ग में बुलाकर के फिरौती लिया जाता था। आज किसी भी माई के लाल में हिम्मत नहीं है कि एक अणे मार्ग में जा सके। कहने का मतलब है कि आज शांति है। हमलोग विकास कर रहे हैं। विपक्ष को कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है तो यह मुद्दा उठाते हैं। बिहार की जनता सब समझ रही है ।

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