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Jharkhand Student Protest: छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, तुरंत अस्पताल में कराया गया भर्ती!

Tue, 11 Aug 2026 01:34 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

झारखंड विधानसभा के घेराव के दौरान सोमवार शाम छात्रों और पुलिस के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति देखने को मिली। विधानसभा के गेट नंबर-1 के पास अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे सैकड़ों छात्रों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया। छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया। उनके समर्थक भी उनका हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचने लगे। बताया गया कि देवेंद्र नाथ महतो पिछले 17 दिनों से सत्याग्रह कर रहे हैं और पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के बीच उनकी तबीयत बिगड़ने से आंदोलनकारियों की चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे विधानसभा के बाहर शांतिपूर्वक बैठे थे और सरकार की ओर से बातचीत तथा उनकी मांगों पर जवाब का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनकी शिकायत है कि सरकार की तरफ से कोई बातचीत नहीं हुई। 

इसी दौरान पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। घायल प्रदर्शनकारी शिवम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी चेतावनी या बातचीत के लाठीचार्ज शुरू कर दिया। उसके मुताबिक, उसे पीठ पर लाठी लगी, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं। शिवम ने दावा किया कि एक प्रदर्शनकारी के सीने पर वार किया गया और उसके भाई के हाथ में चोट लगी। प्रदर्शनकारियों की ओर से यह भी दावा किया गया कि मौके पर मौजूद करीब 100 युवाओं को लाठीचार्ज में चोटें लगी हैं। घायल युवाओं की स्थिति को लेकर प्रदर्शनकारियों ने चिंता जताई और आरोप लगाया कि कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। शिवम ने विशेष रूप से एक घायल प्रदर्शनकारी का जिक्र करते हुए कहा कि उसे सीने में काफी दर्द हो रहा है और वह भी कई दिनों से चल रही भूख हड़ताल का हिस्सा है। दूसरी ओर, छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और आंदोलन को दबाने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई है। छात्र नेताओं ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने झारखंड में छात्रों और सरकार के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत और घायल प्रदर्शनकारियों की स्थिति आंदोलन का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

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