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JDU National President: नीतीश कुमार बने JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार के दिग्गज नेताओं ने क्या कहा ?

Wed, 25 Mar 2026 03:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

नीतीश कुमार को हाल ही में जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) का राष्ट्रीय अध्यक्ष फिर से चुना गया है, और यह चुनाव निर्विरोध हुआ, जिससे पार्टी के भीतर उनकी मजबूत पकड़ और नेतृत्व की स्वीकार्यता साफ दिखाई देती है। इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कई दिग्गज नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार का दोबारा अध्यक्ष बनना संगठन को एकजुट रखने और आने वाले चुनावों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम कदम है। कई नेताओं ने इसे “अनुभव और स्थिरता” का प्रतीक बताया, क्योंकि नीतीश लंबे समय से पार्टी के सबसे बड़े चेहरा रहे हैं और उनके नेतृत्व में JDU ने कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव पार किए हैं।

जेडीयू के प्रमुख नेता राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) सहित अन्य नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार ही पार्टी को सही दिशा दे सकते हैं और उनके नेतृत्व में संगठन मजबूत बना रहेगा। पार्टी के भीतर यह भी कहा गया कि अध्यक्ष पद पर उनकी वापसी से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और विपक्ष के खिलाफ एक मजबूत रणनीति तैयार की जा सकेगी। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ संगठनात्मक नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखकर लिया गया है, खासकर तब जब बिहार में नेतृत्व परिवर्तन और उत्तराधिकार को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

दूसरी ओर, विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इस पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि JDU में नेतृत्व का केंद्रीकरण हो रहा है और नए चेहरों को पर्याप्त मौका नहीं मिल रहा। हालांकि, जेडीयू के अंदर से ऐसी आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा गया कि यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है और पार्टी पूरी तरह एकजुट है। इस बीच, पार्टी के अंदर “मिशन निशांत” को लेकर भी चर्चा तेज है, जिसमें निशांत कुमार को भविष्य के नेता के रूप में तैयार करने की बात कही जा रही है।

कुल मिलाकर, नीतीश कुमार का JDU का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती का संकेत है, बल्कि बिहार की आगामी राजनीति और संभावित नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पार्टी के ज्यादातर नेताओं ने इसे सकारात्मक बताया है और इसे स्थिरता, अनुभव और रणनीतिक सोच का प्रतीक माना जा रहा है।

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