ओडिशा के पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने घुटन की शिकायत की और कई लोग उमस के कारण बेहोश हो गए हैं। इसके तुरंत बाद मौके पर एम्बुलेंस को बुलाया गया और प्रभावित लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। सिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने बताया कि महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा आज शुरू हुई। आज रथ रोक दिए गए हैं। कल फिर से रथों को मौसी के घर तक खींचा जाएगा। कई लोग आश्चर्य कर रहे हैं कि आज रथ क्यों रुक गए। हो सकता है कि किसी भक्त के लिए रथ रुके हों। भक्त पूरी रात यहीं रुकेंगे, तथा कल सुबह फिर से रथ खींचेंगे।
जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान कुछ लोगों के बेहोश होने की खबरों पर ओडिशा के मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा 'अधिक उमस के कारण एक या दो भक्त बेहोश हो गए। बचाव दल ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। मंदिर क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र हैं। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए भी यहां हूं कि ग्लूकोज और पानी पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल भी जाऊंगा कि जिन लोगों को इसकी आवश्यकता है, उन्हें उचित स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा रही है'।
आपको बता दें कि पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा जून-जुलाई के महीने में हर साल आयोजित होती है। इस उत्सव के दौरान भगवान जगन्नाथ और उनके बड़े भाई बलभद्र और छोटी बहन देवी सुभद्रा के विग्रह रथों में सवार होकर दर्शन देते हैं। यह भव्य यात्रा पुरी के जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर गुंडिचा मंदिर जगन्नाथ प्रभु के मौसी के घर तक जाती है। यह रथ यात्रा कुल 12 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 8 जुलाई 2025 को नीलाद्रि विजय के साथ होगा, जब भगवान पुनः अपने मूल मंदिर में लौटेंगे। हालांकि रथ यात्रा का आयोजन 12 दिनों का होता है, इसकी तैयारियाँ महीनों पहले से शुरू हो जाती हैं। इस रथ यात्रा के दौरान कई धार्मिक रस्में, अनुष्ठान और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।