बैठक में जयशंकर ने कहा कि वांग यी का यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने का एक अच्छा अवसर है। उन्होंने कहा, हमारे संबंधों ने एक मुश्किल दौर देखा है, लेकिन अब हम आगे बढ़ना चाहते हैं। इसके लिए दोनों पक्षों की ओर से ईमानदार और रचनात्मक रुख जरूरी है। जयशंकर ने आगे कहा, हमें आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और आपसी हितों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए। मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए और प्रतिस्पर्धा को टकराव का रूप नहीं लेने देना चाहिए। बाद में उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत में आर्थिक और व्यापारिक मुद्दे, धार्मिक यात्रा, लोगों के बीच संपर्क, नदी से जुड़ा डाटा साझा करना, सीमा व्यापार, संपर्क और द्विपक्षीय आदान-प्रदान जैसे विषय शामिल होंगे।