फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फलता में जहांगीर खान की पुलिस ने हाफ-पैंट में निकाली परेड। Jahangir Khan half pant parade video

Thu, 11 Jun 2026 09:26 PM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

पश्चिम बंगाल की राजनीति में कभी बेहद प्रभावशाली माने जाने वाले तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी इन दिनों चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा क्षेत्र में वर्षों तक दबदबा रखने वाले जहांगीर खान की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। कभी स्थानीय राजनीति, प्रशासन और कारोबारी गतिविधियों पर मजबूत पकड़ रखने वाले इस नेता को अब पुलिस हिरासत में अदालत ले जाया जा रहा है। उनकी गिरफ्तारी और सड़क पर कराई गई परेड को कई लोग बंगाल की बदलती राजनीतिक तस्वीर के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं।

फाल्टा क्षेत्र में जहांगीर खान का नाम लंबे समय तक प्रभाव और शक्ति का पर्याय माना जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में निर्माण कार्यों, फैक्ट्रियों में श्रमिक आपूर्ति और कबाड़ कारोबार जैसे कई क्षेत्रों पर उनके समर्थकों का प्रभाव था। राजनीतिक विरोधियों के लिए भी यह इलाका चुनौतीपूर्ण माना जाता था। आरोप लगते रहे कि बिना उनकी सहमति के क्षेत्र में कई गतिविधियां संचालित करना मुश्किल था।

जहांगीर खान अपने विवादित बयानों को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में रहे। चुनावी सभाओं में दिए गए उनके कुछ बयान सोशल मीडिया पर लंबे समय तक चर्चा का विषय बने रहे। विरोधी दलों ने उन पर राजनीतिक दबाव और भय का माहौल बनाने के आरोप लगाए थे। हालांकि, इन आरोपों पर खान और उनके समर्थक हमेशा राजनीतिक साजिश का तर्क देते रहे।

हालिया घटनाक्रम में बंगाल पुलिस ने जहांगीर खान को भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया। उन पर कथित वसूली और अन्य मामलों में कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां निचली अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी।

जहांगीर खान ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में फाल्टा सीट से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। चुनाव के दौरान उन्होंने अदालत से अंतरिम सुरक्षा भी हासिल की थी ताकि वह प्रचार और मतदान प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें। हालांकि, बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से चुनावी प्रक्रिया से खुद को अलग करने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें मिली अंतरिम राहत वापस ले ली।

गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेशी के दौरान एक और दिलचस्प स्थिति देखने को मिली। बताया गया कि स्थानीय बार एसोसिएशन के कई वकीलों ने उनका पक्ष रखने से इनकार कर दिया, जिसके बाद अदालत को उनकी ओर से पैरवी के लिए एक वकील नियुक्त करना पड़ा।

फिलहाल जहांगीर खान पुलिस हिरासत में हैं और जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं। लेकिन उनकी गिरफ्तारी ने बंगाल की राजनीति में एक बड़ा संदेश जरूर दिया है कि सत्ता और प्रभाव के केंद्र में रहे नेताओं की राजनीतिक स्थिति समय के साथ किस तरह बदल सकती है। फाल्टा की राजनीति में जहांगीर खान का प्रभाव कभी जितना बड़ा था, आज उनकी गिरफ्तारी उतनी ही बड़ी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें