भारत में भले ही हिन्दी की उपेक्षा हो रही हो लेकिन दुनिया के कई दूसरे देशों के लोग तेजी से हिन्दी सीख रहे हैं। इसकी एक झलक मिली कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में, जहां कई देशों के हिन्दी प्रेमी जुटे। आर्मीनिया से लेकर मिस्र और चीन, जापान तक से दर्जनों लोग इस सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे और हिन्दी के प्रति अपने लगाव को जाहिर किया।