तीन साल में तीन बार हरियाणा जला और सत्ता के सिंहासन पर बैठे लोग तमाशाबीन बनकर देखते रहे। सूबे में पिछले तीन सालों में ऐसे तीन मौके आए हैं, जब कानून व्यवस्था नाम का खुलेआम मजाक बनाया गया है। इसमें दो बार तो अंध भक्ति में लीन भक्तों ने अपने संत को पुलिस की गिरफ्तारी से बचाने के लिए भारी उत्पात मचाया। वहीं एक बार फिर सूबे की सबसे संपन्न और ताकतवर जाति ने आरक्षण की मांग को लेकर कानून को अपने हाथ में लेकर सरेआम धज्जियां उड़ाते रहे।