हमास के आतंकियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक इजरायली बंधक को कैमरे के सामने उससे उपनी ही कब्र खोदनेके लिए मजबूर कर दिया। इस सनसनीखेज वीडियो को देखने के बाद किसी का भी दिल दहल सकता है। इस वीडियो को इजरायल सरकार के एक पूर्व प्रवक्ता ने अपने एक्स एकाउंट पर शेयर किया है। हमास की इस तथाकथित दरिंदगी का वीडियो शेयर करते हुए इजरायल के पूर्व प्रवक्ता ईलोन लेवी ने लिखा, "हमास कितना मनोविकृत (साइकोपैथिक) है? उसने भूख से तड़प रहे बंधक एव्यातार डेविड को कैमरों के सामने अपनी ही कब्र खुदवाने के लिए मजबूर किया। यदि यह घटना प्रमाणित हो जाती है, तो यह अत्यंत अमानवीय और मानसिक यातना का गंभीर उदाहरण होगा।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजरायली नागरिकों, युवकों के भयावह वीडियो जारी करने पर कहा....24 वर्षीय एव्यातार डेविड का भी जिक्र किया....हमास के द्वारा रिलीज किए गए वीडियो को देखकर यह भी दुखी हुए....“हमास समझौता नहीं चाहता... वे इन वीडियो और दुनिया भर में दुष्प्रचार के ज़रिए हमें तोड़ना चाहते हैं...उन्हें भूखा रखा जा रहा है...नेत्यनाहू ने आगे हमास उन्हें भूखा रख रहा है जैसे नाजिश करते थे...ज्यूस.... यह देख कर मैं समझ गया हूं हमास एक बात की हमास बात करना डील करना चाहता ही नहीं है...बस हमे तोड़ना चाहता है...ऐसा फर्जी प्रोपेगेंडा वीडियो साझा करके...विश्वस्तर पर...पर हम टूटेंगे नहीं, और मजबूती से उभरेंगे मजबूत होंगे...हम अपने नागरिकों को जो बंधक है उन्हें छुड़ाएंगे...रिजॉल्व करेंगे..हमास को खत्म करेंगे..."हमास द्वारा किए गए कृत्य अक्सर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बने रहते हैं, लेकिन अगर यह दावा सत्य है कि उसने एक भूख से तड़पते बंधक एव्यातार डेविड को कैमरे के सामने अपनी ही कब्र खोदने के लिए मजबूर किया तो यह न केवल क्रूरता का चरम है, बल्कि मनोविकृति का भी स्पष्ट प्रमाण है। मनोविकृति एक मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति में संवेदना, पछतावे, या अपराधबोध की पूर्ण कमी होती है और वह दूसरों की पीड़ा से आनंद या शक्ति की भावना प्राप्त करता है। जिस इजरायली बंधक से हमास कब्र खुदवा रहा है, वह कई दिनों से भूखा है।
इससे उसके शरीर का कंकाल साफ नजर आ रहा है। ऐसे में साफ है कि किसी भूखे, निर्बल बंधक को इस तरह शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ना, उससे अपनी ही मौत का गड्ढा खुदवाना और इस पूरी प्रक्रिया को कैमरे में रिकॉर्ड करना...ये सब मनोविकारी और सैडिस्टिक व्यवहार की श्रेणियों में आता है। ऐसे कृत्य केवल सैन्य रणनीति नहीं होते, बल्कि इनका उद्देश्य होता है मानवता को झकझोरना, डर पैदा करना, और दुश्मन के मनोबल को तोड़ना। यह न केवल युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन भी है।इन वीडियोज की हो रही आलोचनाओं के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इन बंधकों के मुद्दे पर एक बैठक होने जा रही है. इजराइल के राजदूत ने रविवार, 3 अगस्त को कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मंगलवार, 5 अगस्त को गाजा में बंधकों पर एक आपातकालीन सत्र आयोजित करेगी.संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने हमास द्वारा बंधक बनाए गए दो बंधकों के वीडियो सामने आने के बाद उठे गुस्से के बीच सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी. डैनन ने कहा कि परिषद "गाजा में बंधकों की गंभीर स्थिति पर एक विशेष आपातकालीन सत्र आगामी मंगलवार को बुलाएगी."