हरियाणा के गुरुग्राम में 19 साल की एक त्रिपुरा की छात्रा के साथ उसके लिव-इन पार्टनर द्वारा कथित तौर पर क्रूर और हिंसात्मक अत्याचार का है, जिसने देश भर में चिंता और सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता, जो त्रिपुरा की रहने वाली थी और गुरुग्राम में बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी, उसकी मुलाक़ात आरोपी युवक से ऑनलाइन एप के ज़रिए हुई थी और बाद में दोनों सैक्टर-69 के एक पैइंग-गेस्ट में साथ रहने लगे। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच शादी के बारे में बातचीत भी चल रही थी लेकिन किसी बात पर झगड़ा हो गया, जिससे मामला हिंसा में बदल गया।
फरवरी 16 को शुरू हुआ यह विवाद तीन दिनों तक जारी रहा, जिसमें आरोपी ने लड़की को कथित तौर पर पकड़कर कमरे में बंद कर रखा, बार-बार मारपीट की, उसके सिर पर धातु की बोतल से वार किया और फर्नीचर से उसका सिर टकरवाया, साथ ही चाकू से शरीर के कई हिस्सों पर हमला किया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि FIR में आरोप है कि उसने सैनिटाइज़र डालकर उसके प्राइवेट पार्ट पर आग लगाने की कोशिश भी की और अत्याचार के रिकॉर्ड किए गए न्यूड वीडियो बनाए। पीड़िता अपने पिता-भाषा में आरोपी की समझ से बाहर जाकर फोन से अपनी मां को संदेश भेज पाई, जिसने तुरंत 112 पर कॉल की, और पुलिस मौके पर पहुंच कर लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया।
घायली छात्रा को पहले गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उसे उसके गंभीर स्वास्थ्य हालात के कारण दिल्ली के Safdarjung Hospital तथा AIIMS में स्थानांतरित किया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत अभी गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने Badshahpur थाना में FIR दर्ज की है, जिसमें आरोपी शिवम (19) को नामजद किया गया है और उस पर भारी चोट पहुँचाने, गलत तरीके से बंधक बनाने, झूठे विवाह के आश्वासन पर शारीरिक संबंध बनाने तथा गंभीर हिंसा की धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है, जिसमें CCTV फुटेज, साक्ष्य और चिकित्सा रिपोर्ट को आधार बनाया जा रहा है।
यह घटना न सिर्फ एक व्यक्तिगत अपराध का मामला है बल्कि लिव-इन संबंधों में सुरक्षा, महिला सुरक्षा और ऑनलाइन मिलने वाली मित्रताओं में संभावित जोखिम पर भी समाज में गंभीर बहस छेड़ रही है। मामले की जाँच पुलिस कर रही है और आगे के आरोप तथा कानूनी धाराओं को मजबूती से स्थापित करने के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और ऐसे मामलों को रोकने के लिए समग्र सावधानियाँ बढ़ाई जा सकें।