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Eknath Shinde Thane Roadshow: ठाणे में रोडशो के दौरान वोटरों को ये क्या बोल गए शिंदे?

Tue, 06 Jan 2026 04:05 AM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। ठाणे और मुंबई जैसे बड़े शहरी इलाकों में चुनावी रण और ज्यादा तीखा होता दिख रहा है। आरोप-प्रत्यारोप, चेतावनी भरे बयान और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल सब कुछ एक साथ सामने आ रहा है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे रोडशो में दिए गए एक बयान ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

ठाणे में अपने गृह जिले में आयोजित रोडशो के दौरान एकनाथ शिंदे ने मतदाताओं से सीधे शब्दों में अपील करते हुए कहा, “वोट डालते समय कोई गड़बड़ी मत करना, नहीं तो हम पैसे बांटते समय गड़बड़ी करेंगे।” शिंदे के इस बयान को विपक्ष ने धमकी और मतदाताओं पर दबाव के तौर पर लिया है, जबकि सत्तापक्ष इसे विकास से जोड़कर देख रहा है। शिंदे ने महायुति गठबंधन की जीत का दावा करते हुए मतदाताओं से ‘धनुष-बाण’ (शिंदे गुट की शिवसेना) और ‘कमल’ (भाजपा) के बटन दबाने की अपील की।

शिंदे ने कहा कि ठाणे के वार्डों के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, बशर्ते मतदाता सही फैसला लें। रोडशो चंदनवाड़ी, सिद्धेश्वर लेक, लोकमान्य नगर डिपो और वार्टकनगर जैसे प्रमुख इलाकों से होकर गुजरा। इस दौरान उन्होंने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच हालिया सुलह को भी चुनावी लिहाज से बेअसर बताया और कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। शिंदे के मुताबिक मतदाता विकास, स्थिरता और भरोसे को ही प्राथमिकता देंगे।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर चुनावी नियमों के खुले उल्लंघन का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नारवेकर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। गायकवाड़ ने दावा किया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद वोटरों को लुभाने और उन पर दबाव डालने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन राज्य चुनाव आयोग आंख मूंदे बैठा है।

वर्षा गायकवाड़ ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले बड़ी संख्या में नकली मतदाता जोड़े जा रहे हैं और कुछ विधायक खुलेआम लोगों को यह बता रहे हैं कि किस बटन को दबाना है। उनके मुताबिक इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि स्पीकर जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को निष्पक्ष होना चाहिए, लेकिन उनका व्यवहार पक्षपाती नजर आ रहा है। कांग्रेस ने राज्य चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

इसी बीच वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने भी चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। मुंबई में आयोजित VBA-कांग्रेस गठबंधन की रैली में उन्होंने कहा कि शहर की खाली सरकारी जमीनों का इस्तेमाल मराठी भाषी लोगों को घर देने और उनकी आबादी बढ़ाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से 15 जनवरी को गठबंधन के पक्ष में वोट करने की अपील करते हुए कहा कि यह भाजपा को स्पष्ट संदेश देने का मौका है।

प्रकाश आंबेडकर ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ ताकतें धर्म का इस्तेमाल कर दंगे भड़काने की कोशिश कर रही हैं। इस बार VBA ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

कुल मिलाकर, ठाणे और मुंबई के नगर निगम चुनाव अब सिर्फ स्थानीय विकास तक सीमित नहीं रह गए हैं। मतदाता दबाव, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका, मराठी अस्मिता और राजनीतिक बयानबाज़ी—ये सभी मुद्दे चुनाव के केंद्र में हैं। 15 जनवरी को मतदान होगा और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे, जो महाराष्ट्र की शहरी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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