जनसुराज के प्रत्याशी को समर्थन देने वाले दुलारचंद यादव की हत्या मामले में जनता दल यूनाईटेड के प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के लिए आवेदन पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। इधर, अनंत सिंह ने कहा है कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। यह सब राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह की साजिश है। उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन, जनता सब जानती है। इधर, मृत दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने कहा कि हमलोग रोज की तरह जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार में मोकामा विधानसभा के बसामनचक गांव में गुरुवार दोपहर साढ़े तीन बजे प्रचार करने पहुंचे थे। इसी दौरान रास्ते में अनंत सिंह अपने सहयोगियों के साथ आए और दादा दुलारचंद यादव को गाली देने लगा। दादा ने गाली देने से मना किया तो राजवीर और कर्मवीर सिंह ने दादा को जबरन गाड़ी से खींच कर बाहर निकाल दिया। इतने में अनंत सिंह ने कमर से पिस्टल निकाला और गोलीबारी कर दी। एक गोली दाबा दुलारचंद के पैर के ठुडी में लगी। गोली लगते ही वह गिर गए। इसके बाद अनंत सिंह के सहयोगियों ने उन्हें बेरहमी से पीटा और गाड़ी चढ़ा दी और फरार हो गए। इसके बाद हमलोग उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल लेकर गए लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर बोला हमला
इधर, इस वारदात के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। लोकतंत्र में विचारधारा और जनहित के मुद्दों की लड़ाई होती है। बमबारी और गोलीबारी की नहीं! सत्ता संपोषित दुर्दांत अपराधी एनडीए के महाजंगलराज में बाहर घुम तांडव मचा रहे हैं। अपराध के लिए कुख्यात मोकामा में सत्ता संरक्षित गुंडों ने सामाजिक कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या कर दी। एनडीए प्रत्याशियों का पत्रकारों पर गुस्सा, पत्रकारों को जान से मारने की बात करना और पूर्व में AK-47 की बरामदगी, इन सभी की परिणीति आज दिख रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि संपूर्ण देश जानता है कि बिहार चुनाव में किस प्रवत्ति के भाजपाई बिहार में डेरा डाल अपराधियों को संरक्षण दे रहे है। मुद्दों से डर कर जुमलेबाजी करने वाले प्रधानमंत्री जी को 35 मिनट पहले का अपना गुंडाराज और महाजंगलराज नहीं दिखता। प्रधानमंत्री बिहार में महाजंगलराज को संरक्षण और इसके पोषकों व निर्वाहकों को टिकट दे कर बिहार को बदनाम और बदहाल कर रहे हैं। बिहार की जनता प्रतिकार करेगी, आपकी इस सोच, अपराध के संरक्षण और आपके डबल इंजन को उखाड़ने का काम बिहार की धरती से किया जाएगा।
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मोकामा में गुरुवार को हुई दुलारचंद यादव की हत्या ने इलाके को हिंसा की आग में झुलसाकर रख दिया है। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि दुलारचंद की मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि शरीर पर लगी आंतरिक चोटों से हुई। बाढ़ सब-डिवीजनल अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम ने शव का परीक्षण किया जिसमें पता चला कि गोली दुलारचंद यादव के पैर के आरपार हो गई थी। पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम में शामिल डॉ. अजय कुमार ने बताया कि पैर के एंकल जॉइंट के पास गोली का निशान है, जो आर-पार हो चुकी है, लेकिन गोली शरीर में फंसी नहीं मिली। उन्होंने कहा, 'मौत गोली से नहीं हुई। हाथ, सीना और कंधे की हड्डियों में फ्रैक्चर मिले हैं। आंतरिक चोटें गंभीर हैं, जो दबाव या भारी चीज से लगी लगती हैं। बाहर के जख्म गिरने या छटपटाहट से भी हो सकते हैं। एक्स-रे रिपोर्ट आने पर और स्पष्टता होगी। मौत की वजह गोली नहीं बल्कि अंदरूनी चोट हो सकती है।'