फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी जांच पर SP यांगचेन डोलकर भूटिया ने कहा, "मामला अभी मीडिया के ज़रिए ही हमारे संज्ञान में आया है। हम मामले की जांच कर रहे हैं और कड़ियों को जोड़ रहे हैं। अल-फलाह कॉलेज फरीदाबाद में है. हम महू से इसके संबंध की जांच कर रहे हैं
लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट के संबंध में जो सबसे नजदीकी और स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसने घटना की भयावहता को और साफ कर दिया है। यह धमाका 10 नवंबर 2025 की शाम को लगभग 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास, सुभाष मार्ग पर हुआ था, जब उस समय यातायात बहुत घना था (पीक आवर)।
फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि धमाका एक सफेद रंग की हुंडई i20 (हरियाणा नंबर प्लेट) कार में हुआ, जो उस समय एक ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही थी या रुकी हुई थी। अचानक एक जोरदार विस्फोट होता है और एक लाल आग का गोला आसमान में उठता है। विस्फोट इतना तीव्र था कि आसपास के कई वाहनों के परखच्चे उड़ गए, वे आग की चपेट में आ गए, और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।
जांच एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से कार के पूरे 'डेथ रूट' को ट्रैक किया है। कार को विस्फोट से लगभग तीन घंटे पहले सुनहरी मस्जिद के पास एक पार्किंग में खड़ी देखा गया था। पार्किंग से निकलने के बाद यह छत्ता रेल चौक पर यू-टर्न लेती है और लोअर सुभाष मार्ग की ओर बढ़ते हुए, सिग्नल पर धीमी होने के दौरान इसमें विस्फोट हो जाता है।
धमाके से कुछ देर पहले के फुटेज में कार चलाते हुए एक शख्स दिखाई देता है जिसने काला मास्क पहन रखा था। संदिग्ध ड्राइवर की पहचान जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के फरार सदस्य उमर के रूप में हुई है।
जांच एजेंसियां, जिनमें अब NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) भी शामिल है, इस सबसे नजदीकी फुटेज की फॉरेंसिक एन्हांसमेंट (Forensic Enhancement) करवा रही हैं, ताकि विस्फोट की सटीक प्रकृति और साजिशकर्ताओं की पहचान की जा सके। यह फुटेज एक आतंकी हमले के रूप में की जा रही जांच में एक महत्वपूर्ण सबूत साबित हुआ है।