दिल्ली में प्रदूषण सातवें आसामन पर है। राजधानी समेत एनसीआर में पराली जलाने की घटनाओं व वाहनों से निकलने वाले धुएं ने हवा में पीएम2.5 को घोल दिया है। ऐसे में लगातार चौथे दिन हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रही। ऐसे हालातों से तंग आकर रविवार को दिल्लीवासियों के सब्र का बांध टूट गया। दिल्ली के निवासियों ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही मांग की है कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए नीतियां बनाए। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को हिरासत में लिया है। प्रदर्शन कर रहीं दिल्ली निवासी नेहा ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, 'यह समस्या वर्षों से चली आ रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।बता दे की दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, हवा में पराली से होने वाला प्रदूषण 5.38 रहा। इसके अलावा सोमवार को 1.958 फीसदी रहने की आशंका है। वहीं, वाहन से होने वाला प्रदूषण 14.52 फीसदी रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 370 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें शनिवार की तुलना में 9 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। सीपीसीबी के अनुसार, दिल्लीवासियों ने रविवार को लगातार 26वें दिन खराब हवा में सांस ली। इस सीजन में 14 अक्तूबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई थी। इसके बाद से लगातार ही प्रदूषण का स्तर खराब या बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली में इस बार पहले तो नियमित अंतराल पर पश्चिमी विक्षोभ आते रहे। इसके चलते मई और जून में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। इसके बाद अच्छे मानसून के चलते जुलाई, अगस्त और सितंबर में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से ज्यादा रहा। अच्छी बारिश के चलते जहां तापमान में गिरावट हुई वहीं, हवा भी काफी हद तक पहले से ज्यादा साफ-सुथरी रही। लेकिन मौसम में बदलाव ने टेंशन दी है।