दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में हुआ होटल अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं था, बल्कि वह मंजर था जिसने हर किसी को दर्र से भर दिया। इस भीषण आग में 21 लोगों की जान चली गई, दर्जनों लोग घायल हुए और कई परिवार हमेशा के लिए बिखर गए। लेकिन इसी भयावह त्रासदी के बीच एक ऐसा चेहरा भी सामने आया जिसने अपने साहस और मानवता से अनगिनत लोगों के दिलों में जगह बना ली। यह चेहरा है रियाजुद्दीन मंसूरी का।
हौज रानी में पिछले करीब 45 वर्षों से रहने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी की होटल फ्लोरिश स्टे के ठीक सामने रजाई और गद्दों की दुकान है। आग की लपटों और घने धुएं के बीच तीसरी और चौथी मंजिल पर खड़े लोग मजबूरी में नीचे कूदने का फैसला कर रहे थे। उनके सामने दो ही रास्ते थे, या तो धुएं में दम घुटने का इंतजार करें या फिर अपनी जान बचाने के लिए छलांग लगा दें। ऐसे मुश्किल समय में रियाजुद्दीन मंसूरी ने सड़क पर गद्दों की परत बिछाकर लोगों को उम्मीद की एक किरण दी।