Delhi Flood Alert: दिल्ली में लगातार बाढ़ का खतरा बना हुआ है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। लगातार बारिश के बाद यमुना नदी के उफान पर आने और खतरे के निशान को पार करने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मयूर विहार फेज-1 के पास बनाए गए राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है। बाढ़ के पानी को बाहर निकालने के लिए वासुदेव घाट के आसपास के इलाकों में मशीनें लगाई गईं। वहीं, यमुना नदी का पानी कालिंदी कुंज इलाके में भी पहुंच गया है।
इस बीच, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शास्त्री पार्क क्षेत्र का दौरा किया। वे गंभीर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहे क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात किया।
बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के बाद अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, हम राहत शिविर में लोगों का हालचाल जानने आए हैं। उन्हें समय पर खाना नहीं मिल रहा है, मच्छरों का प्रकोप है, लेकिन उनसे निपटने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, पीने के पानी की भी समस्या है। हमें बताया गया कि टेंट कल ही लगाए गए। हम समझ सकते हैं कि यह एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन लोगों के लिए सभी व्यवस्थाएँ करना सरकार की ज़िम्मेदारी है। हम सरकार से राहत शिविरों में लोगों को सभी सुविधाएँ प्रदान करने का आग्रह करते हैं। दिल्ली में जगह जगह जलभराव है, कई इलाकों में इसका मुख्य कारण समय पर गाद निकालने का काम नहीं हो पाया, नालों की सफाई न होना और कई इलाकों में सीवर का बैकफ़्लो हो रहा है। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि लोगों को सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं। पूरा उत्तर भारत - जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड बाढ़ से जूझ रहे हैं। केंद्र सरकार से राहत प्रदान करने का आग्रह है। जितना हो सके लोगों की मदद करें। केंद्र ने अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप के बाद राहत सामग्री उपलब्ध कराई। यह अच्छी बात है, लेकिन केंद्र को बाढ़ से प्रभावित इन सभी राज्यों को राहत पहुंचानी चाहिए ।"