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Dehradun Cloud Burst: देहरादून-मसूरी में अब भी फंसे सैलानी, हिमाचल में ढहे 10 मकान | Weather update

Thu, 18 Sep 2025 08:59 AM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

प. हिमालयी राज्यों में मानसून का कहर जारी है। हिमाचल में बारिश से 10 कच्चे मकान ढह गए। सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात हुई बारिश, बादल फटने व भूस्खलन से उत्तराखंड अभी तक नहीं उबरा है। देहरादून मार्ग जगह-जगह से टूट गया है, जिसके चलते मसूरी में 2,500 से अधिक सैलानी फंसे हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में बुधवार को कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। कांगड़ा में 10 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए, वहीं लगभग 50 घरों को नुकसान भी पहुंचा है। 64 गोशालाओं के साथ ही एक दुकान भी क्षतिग्रस्त हुई है। इस मानसून सीजन में प्रदेश में 1,500 से अधिक घर ध्वस्त हो चुके हैं। 417 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 45 लापता हैं। तलाशी अभियान चल रहा है।

प्रदेश में 517 सड़कों सहित 441 बिजली ट्रांसफार्मर और 274 पेयजल योजनाएं अभी भी प्रभावित हैं।देहरादून में अधिकारियों ने बताया कि बादल फटने से आई बाढ़ के चलते देहरादून-मसूरी मार्ग कई जगह से टूट गया है। मार्ग को बहाल करने की कोशिशें चल रही हैं और तब तक सैलानियों से जहां हैं वहीं रहने को कहा गया है। हल्के वाहनों के लिए कोल्हूखेत में एक वैकल्पिक बेली ब्रिज बनाया जा रहा है जिसके जल्द चालू होने की संभावना है। सैलानियों की संख्या बहुत अधिक थी, लेकिन बुधवार को विकासनगर के रास्ते मार्ग खुलने से कुछ वापस चले गए।दून घाटी में आई आपदा में लापता हुए पांच और लोगों के शव मिले हैं। इनमें तीन शव देहरादून में और दो शव सहारनपुर के मिर्जापुर यमुना नदी में मिले हैं। इसके साथ ही मौतों का आंकड़ा 22 पहुंच गया है। बुधवार को राहत एवं बचाव कार्य तेज हुआ तो आपदा की और भयावहता सामने आई। लापता लोगों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। अब 23 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें फुलेत गांव में सहारनपुर के छह मजदूर भी शामिल हैं। हालांकि, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अधिकारिक रूप से 16 मौत और 17 लोगों के लापता होने की जानकारी मुहैया कराई है। कई गांवों में एसडीआरएफ बुधवार सुबह से सर्च ऑपरेशन चला रही है।

 देहरादून में सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात बादल आफत बनकर बरसे। विभिन्न स्थानों पर नदी में बहने और मलबे में दबने से 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 से अधिक लोग लापता हैं। हालांकि मौठ नदी में दो पुराने शव भी मिले हैं। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात बादल आफत बनकर बरसे। विभिन्न स्थानों पर नदी में बहने और मलबे में दबने से 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 से अधिक लोग लापता हैं। हालांकि मौठ नदी में दो पुराने शव भी मिले हैं। प्रशासन ने 13 की मौत, तीन घायल और 13 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है। जिले में 11 नदियां उफान पर आने से 13 पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 62 सड़कें क्षतिग्रस्त होने से बंद हो गईं। हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि देहरादून में बादल नहीं फटा, यानि बादल फटने की घटना से मौसम विभाग ने इनकार किया है। सहस्रधारा के पास बादल फटने से तबाही मच गई। यहां कई संपत्तियां नष्ट हुईं। कई नदियां ऊफान पर आईं तो अपने साथ लोगों को बहाकर ले गई। मालदेवता से ऊपर फुलेट गांव में मकान गिर गया, जिसमें आठ लोग दब गए। शाम तक कुल 17 लोगों के शव अलग-अलग जगह से बरामद हुए।
 

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