उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दिवाली से एक दिन पहले रूपचौदस पर बड़ी ही भक्ति-भाव से देव दिवाली मनाई गई और पांच दिवसीय दीपपर्व का शुभारंभ हुआ। परंपरा के अनुसार तड़के भस्म आरती में राजाधिराज भगवान महाकाल को उबटन, चंदन, सुगंधित जल से अभ्यंग स्नान कराकर अन्नकूट का भोग लगाया गया। पंडे-पुजारियों और भक्तों ने फुलझड़ियां जलाकर भगवान के साथ दिवाली मनाई। भोले नाथ के साथ दिवाली मनाने के लिए मंदिर में भक्तों का ताता लग गया।