एक ही स्वास्थ्य कर्मी का हर लहर में अलग-अलग वैरिएंट से संक्रमित होने के मामला काफी चौंकाने वाला है। इसे लेकर आईसीएमआर ने अध्ययन भी किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मी को अल्फा, डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित होने के बावजूद भी अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा।