सुप्रीम कोर्ट ने गोवा में मनोहर पर्रिकर के शपथ ग्रहण के खिलाफ कांग्रेस की याचिका पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि कम सीटों के बावजूद पर्रिकर को मुख्यमंत्री पद के लिए न्योता देना लोकतंत्र की हत्या के बराबर है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस से ही सवाल पूछ लिया कि अगर आपके पास पूरे नंबर थे तो सरकार बनाने का दावा क्यों नहीं पेश किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पर्रिकर को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय देने की बजाय फ्लोर टेस्ट के लिए 16 मार्च की तारीख तय कर दी। चुनाव में कांग्रेस के हिस्से में 17 सीटें आई हैं जबकि बीजेपी केवल 13 पर जीत हासिल कर पाई है। उधर बीजेपी का दावा है कि उसके पास महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अलावा निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी है, इनको मिलाकर वो सरकार बना सकती है। 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में बहुमत के लिए 21 सीटों की दरकार है।