पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में एक ऐसा नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जिसने कभी क्रिकेट मैदान पर अपनी तेज गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया था। टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा अब बंगाल सरकार में मंत्री बन गए हैं। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में डिंडा ने राज्य मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
1 जून को हुए इस मंत्रिमंडल विस्तार में कुल 35 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। राज्यपाल आरएन रवि की मौजूदगी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कैबिनेट मंत्रियों के शपथ ग्रहण से हुई, जिसके बाद राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई गई।
हालांकि इस पूरे समारोह में सबसे अधिक ध्यान अशोक डिंडा पर केंद्रित रहा। क्रिकेट से राजनीति तक का उनका सफर अब एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मोयना विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाले डिंडा को सरकार में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अशोक डिंडा ने हालिया विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार चंदन मंडल को 16 हजार 241 मतों के बड़े अंतर से हराया था। यह लगातार दूसरी बार है जब उन्होंने मोयना सीट पर जीत हासिल की है। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के संग्राम डोलुई को करीबी मुकाबले में पराजित किया था। लगातार दो चुनावी जीतों ने डिंडा को भाजपा के मजबूत जनाधार वाले नेताओं की सूची में शामिल कर दिया है।
क्रिकेट की बात करें तो अशोक डिंडा भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। उन्होंने दिसंबर 2009 में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए डेब्यू किया था। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने भारत की ओर से 13 वनडे और 9 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 12 विकेट दर्ज हैं, जबकि टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 17 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।
घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। लंबे समय तक बंगाल की गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करने वाले डिंडा ने रणजी क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में भी उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। डिंडा ने आईपीएल में कुल 78 मैच खेलते हुए 69 विकेट हासिल किए। इस दौरान वह कोलकाता नाइट राइडर्स, दिल्ली कैपिटल्स, पुणे वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स जैसी टीमों का हिस्सा रहे।
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद फरवरी 2021 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। राजनीति में प्रवेश के कुछ ही वर्षों के भीतर मंत्री पद तक पहुंचना उनकी बढ़ती राजनीतिक स्वीकार्यता का संकेत माना जा रहा है। अब देखना होगा कि क्रिकेट के मैदान पर अपनी छाप छोड़ने वाले अशोक डिंडा राजनीति की पिच पर मंत्री के रूप में कितनी सफल पारी खेल पाते हैं।