कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बैलेट पेपर को लेकर बहस छिड़ गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्थानीय निकाय चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मजबूती की दिशा में है, जबकि भाजपा इसे विवादास्पद बताकर सवाल उठा रही है। इस मुद्दे ने प्रदेश की सियासत को गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में यह बहस और तेज होने की संभावना है।कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को स्थानीय निकाय चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर भाजपा बैलेट पेपर से क्यों डर रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि कई उन्नत देश बैलेट पेपर का उपयोग कर चुके हैं और इससे लोकतंत्र और मजबूत हुआ है।
सिद्धारमैया ने बंगलूरू महानगरपालिका (बीबीएमपी) चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल पर भाजपा की शंकाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि भाजपा डर क्यों रही है? क्या बैलेट पेपर का इस्तेमाल करने वाले देश पत्थर युग में चले गए? अगर वहां यह व्यवस्था कामयाब रही तो कर्नाटक में क्यों नहीं हो सकती।शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी भाजपा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि स्थानीय निकाय चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल राज्य सरकार का निर्णय है और संविधान ने यह अधिकार राज्य को दिया है। शिवकुमार ने पूछा कि भाजपा को इस निर्णय से परेशानी क्यों हो रही है और क्यों वह अनावश्यक रूप से विवाद पैदा कर रही है।कर्नाटक में बैलेट पेपर का मुद्दा अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है। जहां राज्य सरकार इसे पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मजबूती का कदम बता रही है, वहीं भाजपा इस फैसले पर सवाल उठा रही है। सिद्धारमैया और शिवकुमार के तीखे बयान से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में यह बहस और तेज होगी।