नीतीश कुमार भले ही बिहार की सत्ता के सिंहासन पर बैठे हों, लेकिन उनकी पॉलिटिकल ताकत पहले से कमजोर हो गई है। बिहार चुनाव में उम्मीद से कम सीटे मिलने के बाद नीतीश अपने पुराने सहयोगी से मिल रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा के बाद नीतिश कुमार ने अपने पुराने सहयोगी नरेंद्र सिंह से मुलाकात की है।