हिमाचल प्रदेश में बारिश और बाढ़ ने हाहाकार मचा दिया है। सड़क, बिजली और पेयजल योजनाओं को भारी क्षति पहुंची है। आंकलन के लिए केंद्रीय टीम भी मौके पर पहुंच रही है।
हिमाचल सरकार ने आपात बैठक कर आपदा प्रभावित लोगों को रहने और खाने पीने की व्यवस्था करने के साथ 5000 रुपये मासिक किराया देने का किया ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस बारे में शुक्रवार को गृहमंत्री अमित शाह से भी बात की। गृह मंत्री ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ।
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून ने लगातार तीसरे साल भी भारी तबाही मचाई है। राज्य में अब तक 700 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान प्राकृतिक आपदा से हुआ है। सरकार ने आपदा प्रभावित परिवार को रहने के 5000 रुपए मासिक किराया देने का ऐलान किया है। साथ राशन भी मुहैया करवाने की बात कही है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई सचिवालय में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, तकनीकी मंत्री राजेश धर्माणी, डिप्टी स्पीकर विनय कुमार सहित अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। नाद मे मीडिया से जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में मॉनसून सीजन में 20 जून से अब तक 69 लोगों की मौत हुई है। 37 लोग लापता हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल में एक साथ इतने ज्यादा बादल फटने की घटना को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा सरकार इसका अध्ययन करने और कारणों का पता लगाएगी । सीएम ने कहा कि प्रदेश में मौजूदा वक्त में 280 सड़कें बंद हैं, 332 स्थानों पर बिजली सेवा और 784 जल आपूर्ति बाधित हैं। सीएम सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के फ़ोन न उठाने वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी जयराम ठाकुर से फोन पर बात हुई और डीसी मंडी को भी बात करने को कहा, लेकिन अब जयराम ठाकुर आपदा में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति करने के लिए अभी अढ़ाई साल हैं। आपदा में लोगों की मदद कि जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कंगना रनौत पर भी तंज कसा और कहा कि जल्द ही कंगना रनौत को जयराम ठाकुर से बात कर यहां आना चाहिए ।
एसीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एनएचआई द्वारा किए जा रहे फोरलेन निर्माण के कार्य पर प्रश्न उठाए और कहा कि NHAI को बड़ी बड़ी मशीनें देखकर कंपनियों को काम नहीं देना चाहिए, बल्कि लोकल ठेकेदार को काम देना चाहिए। स्थानीय ठेकेदार को मालूम होता है कि पहाड़ों पर कैसे कटिंग करनी है, कैसे निर्माण कार्य करना चाहिए… जिससे लोगों का नुकसान न हो।