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उत्तराखंड के चमोली में फटा बादल, सामने आई डरावनी तस्वीरें

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Updated Thu, 18 Sep 2025 02:24 PM IST

उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बार फिर डराने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। बुधवार रात नगर पंचायत नंदानगर के कुन्तरि लगाफाली वार्ड में बादल फटने की घटना ने तबाही मचा दी। इस आपदा में छह मकान पूरी तरह से मलबे में समा गए। अब तक सात लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि दो लोगों को बचा लिया गया है। प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं।

जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने एएनआई को जानकारी देते हुए बताया कि देर रात अचानक बादल फटने से नंदानगर घाट क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ। कुन्तरि लगाफाली वार्ड सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां छह मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है।

जैसे ही घटना की सूचना मिली, एसडीआरएफ की टीम नंदप्रयाग पहुंच गई। वहीं एनडीआरएफ की टीम गोचर से नंदप्रयाग के लिए रवाना हो चुकी है। मेडिकल टीम और तीन 108 एम्बुलेंस भी मौके पर भेज दी गई हैं। स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ मिलकर मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने में लगे हैं।

नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव में भी भारी वर्षा ने नुकसान पहुंचाया है। यहां चार से पांच मकानों को क्षति पहुंची है। राहत की बात यह है कि जनहानि की खबर नहीं है। लेकिन ग्रामीण डरे और सहमे हुए हैं। तेज बारिश से मोक्ष नदी का जलस्तर भी खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है।

इसी बीच चमोली से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति अपने घर की छत पर खड़ा होकर उफनती नदी का वीडियो बना रहा है। नदी का पानी धीरे-धीरे उस घर को भी अपनी आगोश में ले लेता है। यह दृश्य इतना भयावह है कि देखने वालों के भी रौंगटे खड़े हो जाएं।

चमोली की घटना के बाद राज्य के कई जिलों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। देहरादून जिले में गुरुवार को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रातभर बारिश इतनी तेज थी कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। लोग घरों से निकलकर सुरक्षित जगहों की तलाश में भागे। कुछ परिवार अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर मुश्किल से सुरक्षित स्थानों तक पहुंच पाए।

मुख्यमंत्री कार्यालय लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढने और मलबे में दबे घरों की तलाशी पर है।

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