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चिराग, मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी यहां से लड़ेगी चुनाव

Mon, 13 Oct 2025 08:49 AM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए गठबंधन में सीट शेयरिंग का मामला अब पूरी तरह से तय हो चुका है। हालांकि यह भी साफ है कि किस सीट से कौन उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा, इसकी औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। रविवार देर रात भाजपा मुख्यालय में चली बैठक के बाद बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने सीटों पर अंतिम सहमति की जानकारी साझा की।

इस बार भाजपा और जदयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। वहीं चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें, जीतन राम मांझी की हम पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा (RLSP) को 6-6 सीटें दी गई हैं।

एनडीए में सबसे ज्यादा फायदा चिराग पासवान की पार्टी को हुआ है। वे 30-35 सीटों की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन अंततः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद 29 सीटों पर सहमति बनी।
चिराग की सीटों में बखरी, साहेबपुर कमाल, तारापुर, रोसड़ा, राजा पाकड़, लालगंज, हायघाट, गायघाट, एकमा, मढौरा, अगियांव, ओबरा, अरवल, गया, हिसुआ, फतुहा, दानापुर, ब्रम्हपुर, राजगीर, कदवा, सोनबरसा, बलिरामपुर, गोविंदपुर, सिमरी बख्तियारपुर, मखदूम, कसबा, सुगौली और मोरवा जैसी सीटें शामिल हैं।

सूत्र बताते हैं कि चिराग शुरू में 35 सीटों की मांग पर अड़े थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत बातचीत में उन्हें “भविष्य में बड़ी भूमिका” का भरोसा दिया। इसके बाद ही चिराग ने समझौते को मंजूरी दी। माना जा रहा है कि चुनाव के बाद बिहार की राजनीति में चिराग पासवान को प्रमुख जिम्मेदारी दी जा सकती है।

इस बार जीतन राम मांझी की पार्टी हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) को छह सीटें दी गई हैं सिकंदरा, कुटुंबा, बराचट्टी, इमामगंज, टेकारी और अतरी। इन सीटों से पार्टी ने अपने प्रत्याशियों के नाम भी लगभग तय कर लिए हैं।
इमामगंज से दीपा मांझी, बराचट्टी से ज्योति देवी, टेकारी से अनिल कुमार, सिकंदरा से प्रफुल्ल कुमार मांझी, अतरी से रोमित कुमार और कुटुंबा से श्रवण भुइंया चुनाव लड़ेंगे।

हालांकि, जीतन राम मांझी ने सीटों के बंटवारे पर नाराजगी जताते हुए कहा, “हाईकमान ने जो फैसला किया है, उसे हम स्वीकार करते हैं, लेकिन हमें सिर्फ छह सीट देकर उन्होंने हमारी अहमियत कम आंकी है। इसका असर एनडीए पर पड़ सकता है।”

उनकी नाराजगी के बावजूद मांझी ने साफ किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा रखते हैं और गठबंधन से अलग नहीं होंगे।

उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को भी छह सीटें दी गई हैं सासाराम, उजियारपुर, दिनारा, मधुबनी, बाजपट्टी और महुआ। पिछले चुनाव में कुशवाहा की पार्टी ने एनडीए से अलग होकर 99 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। इस बार वे एनडीए के साथ रहकर अपनी राजनीतिक साख फिर से बनाने की कोशिश करेंगे।

सूत्रों का कहना है कि कुशवाहा भी मांझी की तरह 15 सीटों की मांग कर रहे थे, परंतु प्रधानमंत्री मोदी की मध्यस्थता के बाद उन्होंने भी 6 सीटों पर सहमति दे दी।

भाजपा चुनाव समिति की बैठक रविवार रात तक चली, जिसमें पहले चरण की सीटों पर उम्मीदवारों के नामों को लेकर गहन मंथन हुआ। संभावना है कि सोमवार को भाजपा अपनी पहली सूची जारी करेगी, जिसमें पहले फेज की सीटों के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होगा।

एनडीए में सीट बंटवारे का यह फॉर्मूला भले ही सबको खुश नहीं कर पाया हो, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भूमिका ने गठबंधन में टूट की आशंका को टाल दिया है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि कौन-सी सीट से कौन-सा बड़ा नाम चुनावी मैदान में उतरता है क्योंकि असली मुकाबला अब शुरू होने वाला है।

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