‘एक नए प्रकार की युद्ध नीति आकार लेने लगी है और वह है जैविक युद्ध नीति… हमें इसके लिए तैयार रहना होगा खुद को मजबूत करें ताकि हमारा देश इससे फैलाई जा सकने वाली बीमारियों और वायरस की चपेट में ना आए… अपने निधन से थी एक रोज पहले जनरल बिपिन रावत ने यह बयान दिया था। दक्षिण एशिया के पांच प्रमुख देशों के समूह बिम्सटेक की बैठक में उन्होंने यह शब्द कहे थे। जनरल रावत ने किसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन सब समझ गए थे कि रावत चीन को लेकर आगाह कर रहे हैं।