केंद्रीय मंत्री और आरपीआई (अठावले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले ने BMC चुनाव 2026 पर कहा, "मुंबई का महापौर हमारे महायुती का होना चाहिए.हम 20 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं बाकि जगहों पर हमारी पार्टी भाजपा और शिवसेना को समर्थन देगी.हम महायुती के साथ चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन कुछ सीटों पर हम अलग लड़ रहे हैं.हम इस चुनाव महायुती के साथ रहेंगे और महायुती का मेयर बनाने के लिए रिपब्लिकन पार्टी बीजेपी और शिवसेना, NCP के साथ रहेगी ये मेरी पार्टी ने निर्णय लिया है।
केंद्रीय मंत्री और आरपीआई (RPI) प्रमुख रामदास अठावले ने आगामी बीएमसी (BMC) चुनावों को लेकर महायुति गठबंधन के प्रति अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। अठावले ने सीट बंटवारे में अपनी पार्टी की अनदेखी को "विश्वासघात" करार देते हुए घोषणा की है कि उनकी पार्टी मुंबई की लगभग 38 से 39 सीटों पर स्वतंत्र रूप से "मैत्रीपूर्ण मुकाबले" (Friendly Fight) लड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने उन्हें चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया और आखिरी वक्त में केवल 6-7 ऐसी सीटें ऑफर कीं, जिन पर पार्टी की तैयारी नहीं थी। अठावले ने स्पष्ट किया कि यह उनके कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान की बात है, इसलिए वे अपने चुनाव चिन्ह पर उम्मीदवार उतारेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वे गठबंधन से पूरी तरह अलग नहीं हो रहे हैं और शेष सीटों पर महायुति के उम्मीदवारों का समर्थन करना जारी रखेंगे।
इसमें मुख्य रूप से भाजपा (BJP) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना शामिल हैं। सीट बंटवारे के तहत भाजपा लगभग 137 और शिंदे सेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), कांग्रेस और शरद पवार की NCP शामिल हैं। उद्धव ठाकरे के लिए यह चुनाव उनके अस्तित्व और मुंबई पर पकड़ बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बार 20% वार्डों की सीमाओं में बदलाव (Delimitation) किया गया है, जिसका असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है। 1 जुलाई 2025 की वोटर लिस्ट को इस चुनाव का आधार बनाया गया है।