बिहार की सियासत ने एक लंबी करवट ले ली है और करीब दो दशकों बाद सत्ता का चेहरा पूरी तरह बदल गया है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी अब राज्य के नए मुख्यमंत्री बन चुके हैं। यह बदलाव सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा में बड़े बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और अब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल ली है। लंबे समय तक नीतीश कुमार के नेतृत्व में चलने वाली बिहार की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे में सबकी नजरें इस बात पर हैं कि नई सरकार किस दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री बनने के साथ ही सम्राट चौधरी के अधिकारों के साथ-साथ उनकी सैलरी और सुविधाओं में भी बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर हर महीने करीब 2 लाख 15 हजार रुपये का वेतन मिलेगा। इससे पहले बतौर डिप्टी सीएम या विधायक उनकी सैलरी इससे कम थी। मुख्यमंत्री का वेतन राज्य सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार होता है और बिहार इस मामले में देश के मध्य स्तर वाले राज्यों में गिना जाता है।
अगर देश के अन्य राज्यों से तुलना करें तो सैलरी के मामले में बिहार के मुख्यमंत्री लगभग 14वें स्थान पर आते हैं। जहां तेलंगाना के मुख्यमंत्री को करीब 4.10 लाख रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री को लगभग 3.90 लाख रुपये का वेतन मिलता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को करीब 3.65 लाख रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। ऐसे में सम्राट चौधरी का वेतन बिहार के तय मानकों के अनुरूप ही है।
सिर्फ वेतन ही नहीं, मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी मिलती हैं। उन्हें राजधानी पटना के वीवीआईपी इलाके में एक बड़ा सरकारी आवास मिलेगा, जो मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप होता है। इसके साथ ही उनकी सुरक्षा व्यवस्था को भी उच्चतम स्तर पर अपग्रेड किया गया है। अब उनके साथ कड़ी सुरक्षा में कमांडो और पुलिसकर्मियों की विशेष टीम तैनात रहेगी।
मुख्यमंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी को आधिकारिक दौरों के लिए विशेष सरकारी वाहन और काफिला भी मिलेगा। इसके अलावा, उन्हें मुफ्त हवाई और रेल यात्रा की सुविधा दी जाएगी, जिससे वे राज्य और देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी कार्यों को आसानी से पूरा कर सकें। इन यात्राओं का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो मुख्यमंत्री और उनके परिवार को उच्च स्तरीय मेडिकल सुविधा भी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही उन्हें एक पूरा प्रशासनिक स्टाफ, निजी सचिव और कार्यालय संचालन के लिए अलग बजट भी दिया जाता है, जिससे वे बिना किसी रुकावट के शासन चला सकें।
कुल मिलाकर, सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो चुका है। अब देखना होगा कि क्या वे इन अधिकारों और संसाधनों का इस्तेमाल कर राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा पाते हैं या नहीं। जनता की उम्मीदें बढ़ चुकी हैं और आने वाला वक्त ही बताएगा कि यह बदलाव कितना असरदार साबित होता है।