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Bihar MLC Election Result: Pawan Singh, Nishant Kumar समेत सभी 10 उम्मीदवार की निर्विरोध जीत। Bihar

Thu, 11 Jun 2026 07:00 PM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी भी सीट पर मुकाबले की स्थिति नहीं बनी, जिसके चलते सभी प्रत्याशी बिना मतदान के ही विधान परिषद के सदस्य चुन लिए गए। गुरुवार को निर्वाचित उम्मीदवारों ने विधानसभा पहुंचकर अपना निर्वाचन प्रमाण-पत्र प्राप्त किया। इस दौरान विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल और समर्थकों का उत्साह देखने को मिला।

निर्विरोध निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों में भोजपुरी फिल्म जगत के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय मयूख, शीला पंडित और अनिल ठाकुर शामिल हैं। वहीं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद निर्वाचित हुए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से अशरफ अंसारी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से सुनील कुमार सिंह भी विधान परिषद पहुंचे और अपना प्रमाण-पत्र प्राप्त किया।

विधानसभा परिसर में सबसे अधिक चर्चा राजद नेता सुनील कुमार सिंह और लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी की रही। दोनों नेता विधानसभा पोर्टिको पहुंचते ही विक्ट्री साइन दिखाते नजर आए। समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया और दोनों नेताओं ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान उन्होंने अपनी जीत को पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम बताया।

राजद नेता सुनील कुमार सिंह के लिए यह दिन कई मायनों में खास रहा। उन्होंने कहा कि आज उनकी पार्टी के संस्थापक और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन भी है। ऐसे में विधान परिषद सदस्यता का प्रमाण-पत्र मिलना उनके लिए किसी बड़े उपहार से कम नहीं है। उन्होंने इस अवसर पर लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। सुनील कुमार सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उस विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

दूसरी ओर, जदयू उम्मीदवार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार भी प्रमाण-पत्र लेने विधानसभा पहुंचे। हालांकि, इस दौरान पत्रकारों ने उनसे राजनीतिक भविष्य और विधान परिषद में उनकी भूमिका को लेकर कई सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। निशांत बिना कुछ बोले सीधे प्रमाण-पत्र लेने के लिए आगे बढ़ गए। उनकी यह चुप्पी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। लंबे समय से बिहार की राजनीति में उनकी संभावित सक्रियता को लेकर अटकलें लगती रही हैं, ऐसे में मीडिया के सवालों पर उनका मौन रहना कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

विधान परिषद की इन 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन ने एक बार फिर बिहार की राजनीतिक सहमति और दलों की रणनीति को सामने रखा है। अब सभी नवनिर्वाचित सदस्य परिषद में अपनी नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इन नियुक्तियों और निर्वाचन का राज्य की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल, सभी दल अपने-अपने निर्वाचित सदस्यों की जीत को संगठन की मजबूती और नेतृत्व पर विश्वास का प्रतीक बता रहे हैं।

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