केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "मैं जल्द ही धर्मेंद्र प्रधान से मिलूंगा.मुझे हमेशा से विश्वास था कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बनने पर हम जीतेंगे.NDA के नेता मेरी सभी रैलियों में मेरे साथ शामिल हुए, जिनमें मैंने कहा था कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे। पहले चरण के मतदान में, जब हमें पता चला कि महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया है, तो हमें यकीन हो गया था कि NDA जीतेगा.दूसरे चरण में मतदान और भी ज़्यादा हुआ हमें यकीन था कि हम 200 से ज़्यादा सीटें जीतेंगे. मैं अपनी पार्टी के लिए कभी कुछ नहीं मांगूंगा.सरकार बनाने की तैयारियां चल रही हैं.सोमवार को मुख्यमंत्री कैबिनेट की आखिरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया जाएगा, जिसके बाद वे राज्यपाल के पास जाकर अपना इस्तीफा देंगे
बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को हालिया विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद, नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। यह लगभग तय है कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नीतीश कुमार ही एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर के आसपास पटना के गांधी मैदान में हो सकता है। सरकार गठन की औपचारिक प्रक्रिया सोमवार (17 नवंबर) से शुरू हो जाएगी, जिसमें वर्तमान कैबिनेट की आखिरी बैठक होगी, जिसके बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इसके तुरंत बाद, NDA के घटक दल (BJP, JDU, LJP (रामविलास), HAM, RLM) अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां गठबंधन के नेता के रूप में नीतीश कुमार को चुना जाएगा। इसके पश्चात, वे राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे को लेकर भी सहमति बन चुकी है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) को विधायकों की संख्या के अनुपात में प्रमुख स्थान मिलेगा, जबकि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM), और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLM) को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। यह नई सरकार केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के साथ बिहार के विकास के लिए आगे बढ़ेगी।