बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "शांतिपूर्ण मतदान के लिए मैं बिहार के प्रशासन, बिहार की जनता और चुनाव आयोग को धन्यवाद देना चाहता हूं। जिस तरह बिहार के आम मतदाता बाहर निकलकर मतदान करने का काम कर रहे हैं, उससे स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि पिछले चुनाव से 4-5% अधिक मतदान इस चुनाव में हुआ है. पहले चरण के बाद हमारे प्रतिनिधियों के द्वारा जो रिपोर्ट आई है, 121 सीटों में से लगभग 100 सीटों के आस-पास NDA जीत रही है और यह 2010 के नतीजों को तोड़ने वाला है। आज के चुनाव में महागठबंधन के मुख्यमंत्री दावेदार भी हारने जा रहे हैं. इस बार भी लालू यादव के पूरे परिवार से कोई चुनाव जीतकर नहीं आएगा। सभी को चुनाव में हार देखने को मिलेगी
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "RJD और कांग्रेस का यही चरित्र है। बिहार की जनता जानती है सबका समय से इलाज होगा। आज बिहार की जनता को बधाई देता हूं कि बहुमत से NDA को जिताने का काम कर रहे हैं।"
बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर 2025 को संपन्न हुआ, जिसमें 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। इस चरण में कुल 1314 उम्मीदवार मैदान में थे और लगभग 3 करोड़ 75 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र थे। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में रिकॉर्ड 64.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो बिहार के विधानसभा और लोकसभा चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। इससे पहले, 2020 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर 57.29% वोटिंग हुई थी। मतदान शांतिपूर्ण रहा और कहीं से भी कोई बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई। इस चरण में सत्ताधारी एनडीए (NDA) और महागठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला रहा, जिसमें कई मंत्रियों और दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। इस भारी मतदान को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि यह बढ़ा हुआ प्रतिशत सरकार में बदलाव का संकेत है या जनता ने मौजूदा गठबंधन पर फिर से भरोसा जताया है।