बिहार का सियासी पारा दिन ब दिन हाई होता जा रहा है। खासकर इस बार जंगलराज बनाम विकासवाद की लड़ाई अब तूल पकड़ने लगी है। दरअसल बिहार के उपमुख्यमंत्री और लखीसराय निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "बिहार को जिसने बर्बाद किया वो लोग जो जंगल राज की पाठशाला से पढ़कर आए हैं उन्हें बिहार स्वीकार नहीं करेगा। बिहार लोकतंत्र की धरती है जो जाति से ऊपर होता है। 2010 का रिकॉर्ड इस बार टूटेगा. समस्या उन लोगों को हो जो ठगबंधन बना कर बैठे हैं। NDA में सब पूरी तरह ठीक है
हालांकि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा जंगलराज के मुद्दे पर महागठबंधन को जमकर घेरते आए हैं। साथ ही वो इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को घेरने में जरा भी गुरेज नहीं करते हैं। कुल मिलाकर विजय कुमार सिन्हा ने अपना रुख साफ कर दिया है कि वो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के हर दांव को अपने इसी फैक्टर के जरिए ध्वस्त करेंगे। इतना ही नहीं इस बार बिहार के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने भी इस मुद्दे को आधार को बनाकर महागठबंधन को घेरने का प्लान बनाया है। अब ऐसे में देखना महत्वपूर्ण होगा कि तेजस्वी एनडीए के इस सियासी हमले की क्या काट निकालते हैं।
क्योंकि एनडीए ने साफ कर दिया है कि बिहार में जंगलराज के मुद्दे को आधार बनाकर बिहार की जनता का वोट हासिल करेंगे। ऐसे में महागठबंधन को भी इन सियासी हमलों का जवाब देने के लिए व्यापक रणनीति बनानी होगी। नहीं तो आने वाले समय में महागठबंधन को सियासी तौर पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। आपको बता दें कि बिहार में एनडीए विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से पहले ही इस मामले पर महागठबंधन को घेरना शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार के दौरान भी उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जमकर जंगलराज का मुद्दा उठाया था।