राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर वोट चोरी का गंभीर आरोप लगाया है और इसे चुनाव परिणामों में हेरफेर करने की रणनीति बताया है। उनका कहना है कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाताओं से धोखाधड़ी करती है और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश करती है। उन्होंने बार-बार यह दोहराया है कि भाजपा ने महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में चुनाव चुराए और अब बिहार में भी ऐसा करने की पूरी कोशिश करेगी।
राहुल गांधी ने मतदाता सूची से लाखों नाम, जैसे कि 66 लाख नाम, हटाए जाने का मुद्दा उठाया है और इसे वोट चोरी का एक तरीका बताया है। उन्होंने कर्नाटक की अलंद विधानसभा सीट पर भी मतदाताओं के नाम हटाए जाने को 'वोट चोरी' का एक उदाहरण बताया था, जिस पर बाद में एसआईटी जांच भी हुई।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री वोट लेने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं, यहां तक कि "नाच" भी सकते हैं, और उनका मुख्य काम लोगों के वोट चुराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी छठ पूजा या यमुना जैसी चीजों का इस्तेमाल केवल वोट पाने के लिए ड्रामा के रूप में करते हैं।
राहुल गांधी का मुख्य संदेश यह है कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए अनैतिक तरीके अपनाती है और लोकतंत्र को कमजोर कर रही है, जिसके लिए उन्होंने वोट चोरी और मतदाता सूची में हेरफेर जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
हाल ही में, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का छठ पूजा और यमुना नदी से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें बस लोगों के वोट चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने यमुना नदी के पास पाइप से पानी ले जाकर एक तालाब बनाने का नाटक किया और अगर लोग उनसे वोट के लिए स्टेज पर चढ़कर नाचने को कहेंगे तो वे वह भी कर लेंगे। इस बयान पर उनके विरोधियों, विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी।