उत्तर प्रदेश के बराबंकी में रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी से LLB कोर्स की मान्यता रद्द होने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ABVP कार्यकर्ताओं और छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है. इस घटना में 25 से अधिक लोग घायल हुए, जिसके बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार पर जोरदार तंज कसा है अखिलेश ने कि भाजपा कार्यकर्ताओं को आपसी झगड़ों में पिटवाया जा रहा है और फिर दिखावटी माफी मांगकर मरहम लगाने का नाटक किया जा रहा है.
वहीं जैसे अखिलेश यादव ने राज्य की योगी सरकार पर निशाना साधा उसके बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ABVP छात्रों का हाल जानने के लिए केजीएमयू पहुंचे और घायल छात्रों से मुलाकात की इसके बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "विद्यार्थी परिषद एक संस्कारी, अनुशासित और जिम्मेदार छात्र संगठन है। इस संगठन के कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। विरोध करना छात्र संगठन का कर्तव्य है जिसका उन्होंने निर्वहन किया। मेरी जानकारी में आया है कि पुलिस की कार्रवाई वहां पर बहुत ही गैर जिम्मेदाराना थी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.शांति बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है लेकिन बर्बरतापूर्वक किसी का पैर तोड़ देना किसी का हाथ तोड़ देना स्वीकार्य नहीं है
दरअसल सोमवार को बराबंकी में LLB छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन किया, जहां पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज किया. वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों को छात्रों पर लाठियां चलाते और घायलों को घसीटते देखा गया. घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर मामलों में लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया. नाराज छात्रों ने अस्पताल में हंगामा भी किया. अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि इस ‘ऐतिहासिक पिटाई’ के बाद छात्र सोच रहे हैं कि अब किस मुँह से वे सत्ताधारी खेमे का दावा करेंगे. उन्होंने दावा किया कि छात्रों की आंखें खुल गई हैं और वे भी कह रहे हैं, "भाजपा किसी की सगी नहीं है." सपा प्रमुख ने मांग की कि सरकार घायलों का समुचित इलाज करवाए और हर घायल को 1-1 लाख रुपये का मुआवजा दे.