SIR के बाद बंगाल में बाबरी मस्जिद पर हंगामा जारी है। तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने को लेकर पश्चिम बंगाल की सियासत गरमा गई है. इस बीच, राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगर हुमायूं कबीर के बयान के बाद राज्य में लॉ एंड ऑर्डर में कोई गिरावट आती है, तो एक्शन लेना होगा. गवर्नर ने प्रिवेंटिव अरेस्ट का ऑर्डर दिया है. उन्होंने इस बारे में राज्य सरकार को पत्र लिखा है.बंगाल में बाबरी मस्जिद को लेकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का बड़ा बयान। नहीं दी जाएगी इजाज़त।मुझे जो रिपोर्ट मिली है इंटेलिजेंस के द्वारा और फ़ील्ड से, वो ये बताती है कि मुर्शिदाबाद तो स्कैंडल के स्कूल में तब्दील करने की कोशिश की जा रही है। इसकी इजाज़त नहीं दी जाएगी। बंगाल में बाबरी मस्जिद की बात करने वालों को राज्यपाल की सख़्त चेतावनी है। कहा कि “अगर सांप्रदायिक भावना भड़कायी गई तो संविधान और राज्य सिर्फ़ दर्शक बनकर नहीं रहेंगे। क़ानून तोड़ने वालों के ख़िलाफ़ होती कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” राज्यपाल ने बंगाल की बदलती डेमोग्राफी पर मुहर लगायी। डेमोग्राफी के मुद्दे पर बड़ा बयान। इसका डेटा मौजूद है। डेटा अपने आप में सब बयान कर रहा है। डेमोग्राफिक इम्बैलेंस हो रहा है। यह किसी से छिपा नहीं है ।सर्वे से यह साबित हो जाएगा। राज्यपाल का बड़ा इशारा कुछ ही दिनों में सामने आ जाएगा...डेमोग्राफिक इमबैलेंस एक साज़िश है।
ये कुछ ही दिनों में सामने आ जाएगा। वायलेंस और करप्शन बंगाल की दो कैंसरस ग्रोथ हैं। उसको जड़ से ख़त्म करना होगा। दरअसल हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि वह 6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करेंगे. हालांकि, उन्होंने जमीन दिलाने में प्रशासन पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने इसे लेकर राज्य प्रशासन पर निशाना साधा है और कड़ी चेतावनी दी है.उन्होंने प्रशासन को चैलेंज किया और अधिकारियों का मजाक भी उड़ाया. उनके बयान के बाद राज्य की सियासत में हलचल मच गई है. इस बीच बुधवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि अगर हुमायूं कबीर के कामों और बातों से राज्य में लॉ एंड ऑर्डर की हालत बिगड़ती है, तो उन्हें ‘पहले से गिरफ्तार’ करना होगा. अगर राज्य सरकार एक्शन नहीं लेती है, तो गवर्नर खुद एक्शन लेंगे.दूसरी ओर, राज्यपाल के निर्देश के बाद हुमायूं कबीर ने राज्यपाल पर हमला बोला है. उन्होंने कहा, “गवर्नर अपनी अथॉरिटी से बाहर जाकर बोल रहे हैं. गवर्नर लॉ एंड ऑर्डर देखने के लिए जिम्मेदार नहीं है.”उन्होंने कहा, “लॉ एंड ऑर्डर देखने के लिए एक चुनी हुई सरकार होती है, एक चीफ मिनिस्टर, एक पुलिस मिनिस्टर, उस जिले के SP, OC, और IC होते हैं.