राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने जनसंख्या में गिरावट को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आधुनिक जनसंख्या विज्ञान का हवाला देते हुए बताया कि जब किसी समाज की जनसंख्या (प्रजनन दर) 2.1 से नीचे चला जाता है तो वह समाज धीरे-धीरे पृथ्वी से लुप्त होने की कगार पर होता है। भागवत ने आगे कहा कि दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने की आवश्यकता है। आरएसएस प्रमुख के इस बयान पर विपक्ष ने प्रतिक्रिया दी। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है।