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Aravali Case Explained:कांग्रेस के पत्र से बवाल! Polygon से Contour तक समझिए पूरा विवाद | Amar Ujala

Sun, 28 Dec 2025 06:22 PM IST
तन्मय बरनवाल अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

अरावली पहाड़ियां… दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक, आज सियासत और कानून के सबसे बड़े टकराव का केंद्र बन चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की नई परिभाषा को लेकर सुओ मोटो संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। वहीं कांग्रेस ने पत्र लिखा है। लेकिन असली विवाद 100 मीटर को लेकर नहीं, बल्कि एक शब्द बदलने Polygon से Contour को लेकर है। दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में शामिल अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा को लेकर देश में चल रहे विवाद पर अब सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में सुओ मोटो संज्ञान लेते हुए सोमवार को सुनवाई तय की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन न्यायाधीशों की बेंच इस अहम पर्यावरणीय मुद्दे पर विचार करेगी, जिससे अरावली के संरक्षण और खनन नीति की दिशा तय हो सकती है।
ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने बीते 20 नवंबर को अरावली पहाड़ियों की एक एक समान (यूनिफॉर्म) परिभाषा को मंजूरी दी थी। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया था कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में अरावली क्षेत्र में नई खनन लीज तब तक नहीं दी जाएगी, जब तक विशेषज्ञों की रिपोर्ट नहीं आ जाती। कोर्ट ने यह फैसला पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया। इस Explainer से जानिए- ▪️ सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की नई परिभाषा क्यों मंजूर की?
▪️ 2010 में जो परिभाषा खारिज हुई, वह 2024–25 में कैसे लागू हो गई?
▪️ Polygon और Contour का फर्क क्या है और इससे खनन कैसे प्रभावित होगा?
▪️ कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने क्यों हैं?
▪️ क्या नई परिभाषा से अरावली का संरक्षण कमजोर होगा या सख्त होगा?
 

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