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AI Summit Youth Congress Protest:शिमला में हाई वोल्टेज ड्रामा खत्म AI समिट के आरोपियों को ले गई दिल्ली पुलिस

Thu, 26 Feb 2026 04:30 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता और BJP नेता जयराम ठाकुर ने कहा, "इस तरह की सोच बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के कहने पर अपने कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया। इस घटना को अंजाम देने के लिए दिल्ली में हिमाचल भवन का इस्तेमाल किया गया... मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि इस देवभूमि को देवभूमि ही रहने दें, इसे अपराधियों की शरणस्थली न बनाएं। आपको इस घटना पर शर्म आनी चाहिए.देश के खिलाफ ऐसा विरोध देशद्रोह की श्रेणी में आता है.

हिमाचल प्रदेश में बुधवार को उस समय असामान्य स्थिति पैदा हो गई जब दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच आमना-सामना हो गया। यह घटनाक्रम एआई इंपैक्ट समिट के दौरान हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले को लेकर सामने आया, जिसमें इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। जानकारी के अनुसार, दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की एक टीम हिमाचल प्रदेश पहुंची, जहां कुछ आरोपितों के होने की सूचना थी।

बताया जा रहा है कि जब दिल्ली पुलिस की टीम संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही थी, तभी स्थानीय स्तर पर अधिकार क्षेत्र और कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे। हिमाचल पुलिस का कहना था कि किसी भी बाहरी राज्य की पुलिस को कार्रवाई से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित करना और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। हालांकि बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई पर सहमति बनी।

इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। जानकारों का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच में राज्य सीमाओं के पार सहयोग आवश्यक होता है, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस घटना को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे कानून व्यवस्था और अधिकार क्षेत्र के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया, जबकि कुछ नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियों को निष्पक्ष रूप से अपना काम करने दिया जाना चाहिए। कुल मिलाकर, एआई इंपैक्ट समिट के दौरान हुए प्रदर्शन से जुड़ा यह मामला अब केवल एक विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने दो राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय और अधिकार क्षेत्र के सवाल को भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।

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