अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त एअर इंडिया विमान के पायलट सुमित सभरवाल ने अपने पिता से वादा किया था कि लंदन की उड़ान के बाद इस्तीफा दे देंगे और उनकी देखभाल करेंगे। लेकिन यह उनकी आखिरी उड़ान साबित हुई। वह अपने पिता पुष्कराज सभरवाल के साथ पवई के हीरांदानी जलवायु विहार सोसायटी में रहते थे। एअर इंडिया के कुशल पायलटों में शुमार रहे कैप्टन सुमित सभरवाल अविवाहित थे।अहमदाबाद विमान हादसे ने न सिर्फ 241 परिवारों के जीवन को झकझोर कर रख दिया, बल्कि एक बेटे के उस अधूरे सपने को भी तोड़ दिया, जो अपने बूढ़े पिता की सेवा में समर्पित होना चाहता था. एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए सुमित सभरवाल के दोस्त और पूर्व लेफिनेंट माल सिंह ने कहा कि सुमित बहुत ही सरल स्वभाव के थे. हमारी सोसायटी के सबसे सज्जन व्यक्ति वो माने जाते थे. सुमित कई बार कहते थे की अब रियाटमेंट लेकर पिता का ख्याल रखना है. 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाला बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद एक आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान ने रनवे 23 से दोपहर 1:39 बजे उड़ान भरी थी और तुरंत बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को "मेडे, मेडे, मेडे... नो पावर, नो थ्रस्ट, गोइंग डाउन" का अंतिम संदेश भेजा. इसके बाद विमान का संपर्क टूट गया और यह एक इमारत से टकराकर आग का गोला बन गया.अधिकारी ने बताया कि बाद में पायलट के पार्थिव शरीर को लेकर शव वाहन चकला विद्युत शवदाह गृह के लिए रवाना हुआ. सभरवाल (56) मुंबई में अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ रहते थे. लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान (एआई-171) 12 जून को अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे. विमान के एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार एक यात्री को छोड़कर बाकी सभी की मौत हो गई. मेडिकल कॉलेज परिसर में मौजूद अन्य 29 लोगों की भी मौत हो गई. इस विमान की कमान कैप्टन सभरवाल और उनके सहयोगी फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर संभाल रहे थे. डीजीसीए ने पहले एक बयान में बताया था कि सभरवाल के पास 8,200 घंटे उड़ान का अनुभव था, जबकि कुंदर के पास 1,100 घंटे उड़ान का अनुभव था ऐसी कई कहानियां हैं...जानिए।