एबीवीपी पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने वामपंथियों पर प्रहार करते हुए कहा कि रूस के कम्युनिस्टों ने रूस की जय-जयकार करने में पूरी ताकत झोंक दी। इसी तरह नेपाल और चीन के वामपंथियों ने भी अपने-अपने देश की जय-जयकार करने में पूरी शक्ति लगाई। लेकिन भारत में इस मामले में बौद्धिक भ्रष्टाचार हो गया।