मूर्ति विसर्जन हादसे में एक को बचाने के लिए कई लोग डूब गए थे, जिसके बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दाैरान डूबने वाले 13 लोगों में से एक को बचा लिया गया। महिलाएं सिसक-सिसक कर रो रही हैं, किसी के घर का इकलौता चिराग बुझ गया तो किसी घर ने बड़ा बेटा खो दिया, पूरे गांव में हर किसी के मुंह पर बस एक ही बात है कि काश बच्चे विसर्जन के लिए नहीं जाते और बच जाते।
गांव कुसियापुर के मोड़ पर रहने वाले 24 वर्षीय भगवती प्रसाद के पिता मुरारीलाल खेत में बैठकर आंसू बहा रहे थे। अमर उजाला रिपोर्टर ने जब घर में जाने की कोशिश की तो मुरारीलाल आ गए। उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे। पूछने पर बताया कि उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं।