हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्ति पीठ चिंतपूर्णी मंदिर में मां के भक्तों की आस्था का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। अमृतसर से आए श्रद्धालु अश्विनी कुमार ने मंगलवार को मंदिर के गर्भ गृह के समीप स्थापित घंटी की साफ-सफाई और पॉलिश का कार्य स्वयं किया। वर्षों से उपयोग में आ रही यह घंटी अब बिल्कुल नई जैसी चमक उठी है।माता रानी के दरबार में जब घंटियां मधुर स्वर में बजती हैं तो वातावरण श्रद्धा और भक्ति से गूंज उठता है। ऐसी ही घंटी, जिसे समय के साथ जंग और धूल ने पुराना रूप दे दिया था, अब एक बार फिर दमकने लगी है। अश्विनी कुमार ने अपनी निस्वार्थ सेवा से न केवल इस घंटी को नया स्वरूप दिया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सच्ची आस्था श्रम और सेवा के माध्यम से भी मां तक पहुंचाई जा सकती है।अश्विनी कुमार द्वारा की गई इस सेवा के बाद गर्भ गृह का दृश्य और भी आकर्षक हो गया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जब घंटी चकाचक दिखाई देती है तो दरबार की रौनक और बढ़ जाती है। मंदिर के जेई विशाल ने इस कार्य की पुष्टि करते हुए कहा कि भक्तों की ऐसी सेवाएं मंदिर की शोभा बढ़ाने के साथ ही दूसरे श्रद्धालुओं में भी योगदान देने की प्रेरणा जगाती हैं।मंदिर के विशाल हाल में हाल ही में एक अन्य श्रद्धालु ने डाउन सीलिंग का कार्य करवाया है। इससे श्रद्धालुओं के बैठने के लिए और सुंदर तथा आरामदायक स्थान तैयार हो गया है। इस तरह भक्तजन अपनी भक्ति को विभिन्न सेवाओं के रूप में मां चिंतपूर्णी को समर्पित कर रहे हैं।अश्विनी कुमार का यह प्रयास दर्शाता है कि भक्ति केवल पूजा-पाठ और दर्शनों तक सीमित नहीं है, बल्कि निस्वार्थ सेवा भी मां के चरणों में अर्पित की जा सकती है। यह उदाहरण उन सभी लोगों के लिए प्रेरणादायी है जो मां के दरबार में अपनी भक्ति अर्पित करना चाहते हैं।