फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una: रिद्धिमा सोनी ने हिमाचल प्रदेश बोर्ड की 10वीं परीक्षा में पाया दसवां स्थान, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर

शहीद भगत सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल, सुहारी की होनहार छात्रा रिद्धिमा सोनी ने हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पूरे 700 अंकों में से 687 अंक प्राप्त करके दसवां स्थान प्राप्त किया हैं। इस अद्वितीय उपलब्धि के साथ ही रिद्धिमा ने प्रदेश की टॉप 10 मेरिट सूची में अपनी जगह बनाई है, जिससे न केवल उसके परिवार बल्कि पूरे गांव पलोह और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। रिद्धिमा की इस सफलता से इलाके में गर्व और उल्लास का माहौल है। गांव के लोग, रिश्तेदार और स्कूल के शिक्षक उनके मेहनती और अनुशासित स्वभाव की सराहना कर रहे हैं। यह सफलता केवल रिद्धिमा के लिए नहीं, बल्कि उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हैं। रिद्धिमा एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता सुभाष चंद सोनी एक दुकानदार हैं और माता मोनिका सोनी एक गृहिणी हैं। उन्होंने रिद्धिमा को हमेशा पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया और हर संभव सुविधा उपलब्ध करवाई। रिद्धिमा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादी, चाचा-चाची और स्कूल के शिक्षकों को दिया है। उनका कहना है कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। रिद्धिमा ने कहा, "मेरी सफलता के पीछे मेरे माता-पिता का त्याग, शिक्षकों की मेहनत और पूरे परिवार का सहयोग रहा है। मैं भविष्य में एक जज बनकर देश की न्याय व्यवस्था में योगदान देना चाहती हूँ।" उनका यह सपना दिखाता है कि वे न केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए बल्कि समाज की सेवा के लिए भी समर्पित हैं। शहीद भगत सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल के प्राचार्य और समस्त शिक्षकों ने रिद्धिमा की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। उन्होंने कहा कि रिद्धिमा जैसी छात्राएं विद्यालय का नाम रोशन करती हैं और अन्य छात्रों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बनती हैं। रिद्धिमा के पिता सुभाष चंद और माता मोनिका ने कहा, "हमें अपनी बेटी पर गर्व है। उसने पूरे परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। आज हम बेहद खुश हैं और उसकी मेहनत का फल मिल गया है।" रिद्धिमा की सफलता एक उदाहरण है कि यदि मन में लक्ष्य को पाने की जिद और मेहनत करने की लगन हो, तो कोई भी बाधा रास्ते का रोड़ा नहीं बन सकती। उनकी यह उपलब्धि न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि सामाजिक स्तर पर भी एक नई रोशनी लेकर आई है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें