मिडास केयर फार्मास्यूटिकल्स और कामगार यूनियन के बीच विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। मंगलवार सुबह उद्योग प्रबंधन ने गेट पर नोटिस चिपका कर तालाबंदी कर दी और कामगारों को प्रवेश से रोक दिया। इससे सुबह की शिफ्ट में पहुंचे कामगारों को गेट पर ही रुकना पड़ा। कामगारों ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया और जिला इंटक अध्यक्ष नरेश ठाकुर तथा ग्राम पंचायत प्रधान सुरेखा राणा को बुलाकर हालात की जानकारी दी। दोनों नेताओं ने उद्योग के एचआर मैनेजर वरिंदर शर्मा से बातचीत कर मामला सुलझाने और कामगारों को अंदर प्रवेश देने की अपील की। लेकिन एचआर मैनेजर ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इस समय उद्योग में 56 कामगार कार्यरत हैं, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। कुछ वर्ष पहले इस उद्योग में ढाई सौ के लगभग कामगार कार्य करते थे लेकिन पिछले 5 वर्षों से सालाना वेतन वृद्धि नहीं की गई जिसको लेकर धीरे-धीरे कामगार अन्य उद्योगों में जाने के लिए मजबूर हुए। मंगलवार को धूप और तपती गर्मी के बावजूद कामगार गेट पर बैठकर प्रबंधन के जवाब का इंतजार करते रहे। प्रबंधन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गांव बाथू में आयोजित कार्यक्रम में सभी कामगार एकत्र हुए और अपनी समस्या उनके सामने रखी। उपमुख्यमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप का आश्वासन दिया। उद्योग प्रबंधन ने यूनियन अध्यक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसे कामगारों ने पूरी तरह से निराधार बताया। उनका कहना है कि यह केवल वार्षिक वेतन वृद्धि और सुविधाओं से बचने के लिए किया गया षड्यंत्र है। प्रसिद्ध समाजसेवी अमित दोधी ने मौके पर पहुंचकर कामगारों का समर्थन किया और प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि समस्या जल्द नहीं सुलझाई गई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कामगार यूनियन ने पहले भी जिलाधीश महोदय, उपयुक्त महोदय,एसडीएम हरोली, उपमुख्यमंत्री , थाना प्रभारी टाहलीवाल, और श्रम अधिकारियों को लिखित रूप में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। इस मामले को लेकर लेबर इंस्पेक्टर नवीन कुमार को कई बार मोबाइल के माध्यम से संपर्क करना चाहा लेकिन ऑन होने अपना मोबाइल फोन नहीं उठाया। जिस कारण कामगारों में भारी रोष है यूनियन प्रधान खुशहाल सिंह, महासचिव विजय राणा, परमजीत कुमार, अश्विनी कुमार, रफीक मोहम्मद, हरजीत, योगराज, जीवन देवी, प्रदीप कुमार, जसपाल, गगनदीप, हितेश, और अन्य कई कामगार इस आंदोलन में शामिल हैं। कामगार चाहते हैं कि प्रबंधन वार्षिक वेतन वृद्धि और सुविधाओं का मुद्दा तुरंत हल करे और तालाबंदी को खत्म कर कामगारों को काम पर वापस बुलाए। कामगारों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। श्रम अधिकारी अक्षय कुमार मौके पर पहुंचे जिला श्रम अधिकारी ऊना अक्षय कुमार का कहना है कि दोनों पक्षों को के बीच समझौता करने के लिए एक वार्ता की गई । जिसमें दोनों पक्षों की बातों को सुना और आगे का फैसला उद्योग की मालिक का है जो कि मुंबई में है आज दोपहर 2 बजे तक अपना फैसला बताएंगे