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ऊना में करवाचौथ पर बाजारों से रौनक गायब, मेहंदी लगवाने वालों के पास उमड़ी महिलाओं की भीड़

करवाचौथ का पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर बाजारों में हर साल रौनक देखने को मिलती है, लेकिन इस बार ऊना जिला मुख्यालय के बाजारों में अपेक्षित चहल-पहल नजर नहीं आई। त्योहार के दौरान खरीदारी बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे छोटे कारोबारियों को निराशा हाथ लगी। दूसरी ओर, मेहंदी लगाने वाले कलाकारों के पास महिलाओं की भीड़ उमड़ती रही। करवाचौथ पर महिलाएं अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखती हैं। पर्व की तैयारियों के तहत कपड़ों, श्रृंगार सामग्री, आभूषणों और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी भी की जाती है। हालांकि, बदलते समय के साथ ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता चलन और जिला प्रशासन की सख्ती स्थानीय बाजारों के कारोबार को प्रभावित करती दिखाई दी। शहर के कारोबारी आशीष सांभर और पंकज अरोड़ा ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल के बढ़ते चलन का सीधा असर छोटे दुकानदारों के कारोबार पर पड़ रहा है। त्योहारों के दौरान भी कई ग्राहक बाजारों में खरीदारी करने के बजाय घर बैठे ऑनलाइन सामान मंगवाना पसंद कर रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार, त्योहारों पर बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार अपेक्षित भीड़ नहीं दिखी। इससे दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी नजर आई। कारोबारी आशीष सांभर के अनुसार, जिला प्रशासन की सख्ती के बाद लोग अपने वाहन लेकर बाजार आने से भी कतरा रहे हैं। चालान होने की आशंका के चलते कुछ ग्राहक बाजार आने के बजाय घर बैठे खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं। स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि ऑनलाइन खरीदारी के साथ बाजार में आने-जाने से जुड़ी परेशानियां भी दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच को प्रभावित कर रही हैं। हालांकि, प्रशासन की सख्ती और बाजार में कम भीड़ के बीच संबंध को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। बाजारों में जहां दुकानों पर अपेक्षित ग्राहक नहीं पहुंचे, वहीं मेहंदी लगाने वाले कलाकारों के पास महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। महिलाएं हाथों पर मेहंदी लगवाने के लिए पहुंचती रहीं। इससे स्पष्ट हुआ कि खरीदारी में सुस्ती के बावजूद पर्व की पारंपरिक तैयारियों को लेकर महिलाओं में उत्साह बना हुआ है। करवाचौथ को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। महिलाओं ने इस पर्व को नारी शक्ति, आस्था और वैवाहिक जीवन से जुड़ी परंपराओं का प्रतीक बताया। उनका कहना है कि करवाचौथ भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे महिलाएं पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाती हैं। कुल मिलाकर, ऊना में करवाचौथ के दौरान बाजारों में खरीदारी की रौनक भले ही कम रही, लेकिन मेहंदी लगवाने और पर्व की परंपराओं को निभाने के लिए महिलाओं की सक्रियता बनी रही।

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