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Video: ऊना के जोल क्षेत्र में मक्की की फसल पर फॉल आर्मीवर्म का कहर, किसान महंगे उपचार से परेशान

जिला ऊना की उपतहसील जोल क्षेत्र में मक्की की फसल पर फॉल आर्मीवर्म (सुंडी) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कीटों के हमले से किसान परेशान हैं और फसल को नुकसान से बचाने के लिए खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं। मौसम साफ होते ही कई किसान सुबह से ही खेतों में पहुंचकर फसल की देखभाल में जुट गए हैं। किसानों के अनुसार मक्की की फसल में सुंडी लगने से पौधों की पत्तियां प्रभावित हो रही हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। किसान जोगिंदर सिंह ने बताया कि खरीफ और गेहूं सहित कई फसलों में अब हाईब्रिड बीजों का इस्तेमाल बढ़ गया है, लेकिन इनमें रोगों और कीटों का खतरा भी अधिक देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले किसान अपने घरों में सुरक्षित रखे देसी बीजों की बुवाई करते थे। इन बीजों में रोगों का प्रकोप कम होता था और कीटनाशकों पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता था। वर्तमान में बीज, खाद और दवाइयों की बढ़ती कीमतों के कारण खेती करना लगातार महंगा होता जा रहा है। किसानों का कहना है कि फसल की लागत बढ़ने के साथ-साथ प्राकृतिक और कीटजनित समस्याएं उनकी आर्थिक परेशानियों को बढ़ा रही हैं। ऐसे में उन्हें समय पर कृषि विभाग की ओर से उचित मार्गदर्शन और सहायता की आवश्यकता है। वहीं, कृषि प्रसार अधिकारी चंदन कुमार ने किसानों को फॉल आर्मीवर्म की रोकथाम के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान निर्धारित मात्रा में कोरोजिन स्प्रे का छिड़काव करें और खेतों का नियमित निरीक्षण करते रहें। शुरुआती चरण में कीट की पहचान होने पर फसल को अधिक नुकसान से बचाया जा सकता है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर नजदीकी कृषि अधिकारियों से संपर्क कर उचित सलाह लें, ताकि मक्की की फसल को सुरक्षित रखा जा सके।

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