जिला ऊना की उपतहसील जोल के क्षेत्र में इन दिनों किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम की बेरुखी के कारण जहां कई किसान अभी भी वर्षा पर निर्भर हैं, वहीं जिन क्षेत्रों में गेहूं की सिंचाई के पर्याप्त स्रोत उपलब्ध हैं, वहां किसान आधुनिक और तकनीकी तरीकों से खेतों में सिंचाई कर खेती कार्य को सुचारू रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। क्षेत्र के किसान जोगिंदर सिंह ने बताया कि आज के तकनीकी युग में जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन हैं, वे समय पर फसल को पानी देकर उसे सुरक्षित कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमारे पास भी सिंचाई का साधन नहीं होता तो हम भी अन्य किसानों की तरह बारिश का ही इंतजार कर रहे होते। जोगिंदर सिंह के अनुसार, सिंचाई की सुविधा होने से गेहूं की फसल की बढ़वार अच्छी हो रही है और उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि ट्यूबवेल, बोरवेल और मोटर पंप जैसे संसाधनों ने खेती को मौसम की मार से काफी हद तक बचा लिया है। समय पर सिंचाई से फसल कमजोर होने से बचती है और किसानों को मानसिक राहत भी मिलती है। वहीं जिन इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, वहां किसान आसमान की ओर देख रहे हैं और जल्द बारिश की कामना कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी युग में खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक सिंचाई प्रणालियों को अपनाना बेहद जरूरी है। जोल क्षेत्र में धीरे-धीरे किसान तकनीकी खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जिससे आने वाले समय में खेती की तस्वीर बदलती नजर आ सकती है।