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Una: श्री शिवपुराण महाकथा का विधिवत समापन, द्वादश ज्योतिर्लिंगों के महात्म्य का हुआ भावपूर्ण वर्णन

अंकेश डोगरा Updated Sun, 08 Feb 2026 04:11 PM IST

उपमंडल अंब के अंतर्गत पंचायत हम्बोली के गांव बहेड़ी में आयोजित श्री शिवपुराण महाकथा का आज विधिवत एवं भक्तिमय वातावरण में समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन कथा व्यास आचार्य कन्हैया जोशी ने भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए उनके धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व पर प्रकाश डाला। आचार्य कन्हैया जोशी ने बताया कि द्वादश ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के साक्षात स्वरूप हैं, जिनके दर्शन मात्र से भक्तों के समस्त कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख, शांति व मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ सहित सभी द्वादश ज्योतिर्लिंगों की उत्पत्ति, महिमा और उनसे जुड़ी कथाओं का अत्यंत सरल एवं भावपूर्ण शब्दों में वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के समापन अवसर पर क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूर-दराज के गांवों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे पंडाल में “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। महाकथा के समापन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में श्रद्धालुओं ने बड़े प्रेम और श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों एवं सेवादारों द्वारा व्यवस्था को सुचारु रूप से संभाला गया, जिससे सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद प्राप्त हुआ। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, आयोजक समिति और क्षेत्रवासियों ने इस सफल आयोजन के लिए कथा व्यास आचार्य कन्हैया जोशी का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों के आयोजन की कामना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार की कथाएं समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करती हैं।

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